इंतज़ार मिलने का,वादा ना निभाया साजन रानी सोनी “चंदा”

 

ना तू आया ना तेरा कोई,संदेशा आया साजन।

प्रेम दिवस पर मिलने का,वादा ना निभाया साजन ।

 

मैं बाट निहारी घड़ी घड़ी, दर की चौखट पर खड़ी खड़ी।

सब्र का बांध जब टूट गया, नैनों से छलकी लड़ी लड़ी।

कोई देख सके ना आंसू, घूंघट से छुपाया साजन।

प्रेम दिवस पर मिलने का,वादा ना निभाया साजन ।

 

कल ही तुमने बोला था कल मुझसे मिलने आओगे।

कल के सारे सिकवों को, कल आकर दूर मिटाओंगे।

तेरे कल के इंतजार में, मैने आज गंवाया साजन।

प्रेम दिवस पर मिलने का,वादा ना निभाया साजन ।

 

कहा तुमने मै फौजी हूं,भारत माता की शान।

अश्कों से स्वागत ना करना,जो हो जाऊं बलिदान।

ओढ़ तिरंगा जब आया तूं, मैने भी फर्ज निभाया साजन।

प्रेम दिवस पर मिलने का,वादा ना निभाया साजन ।

 

देख रही थी आता तुमको,कफन तिरंगा ओढ़ कर ।

सो गए तुम तो मां की गोद में,मेरा आंचल छोड़ कर ।

प्रेम दिवस पर सही प्रेम का ,मतलब समझाया साजन ।

प्रेम दिवस पर मिलने का,वादा ना निभाया साजन ।

 

रानी सोनी “चंदा”

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