“हैप्पी वेलेंटाइन डे” सोच का अंतर है बंधु, छोटी सी कहानी एक बार जरूर पढ़े।

 

वेलेंटाइन डे आते ही छोटू की आँखों में एक ख़ुशी की लहर दौड़ जाती थी …
 
मन्दिर के साइड से लगे दुकान पे काम करने वाला छोटू हर बार की तरह इस बार भी खूब सारे गुलाब खरीद लाया था ….
 
छोटू को ये नहीं पता था कि वेलेंटाइन डे होता क्या है ?
पर ये जरूर पता था उसे कि आज दस का बिकने वाला गुलाब पच्चीस पच्चास में बेचेगा ….
 
वह सुबह से दौड़ भाग में लगा था इस उम्मीद में कि आज अच्छी कमाई कर लेगा वो जिससे कुछ बचत होगी …
दोपहर तक उसके सारे गुलाब बिक गए ….
 
उसने जल्दी से पैसों का हिसाब करके करके पाँच सौ अलग निकाल लिया …
 फुर्ती से भागकर सेठ के पास पंहुचा उसकी उधारी चुकाई .. और दनदनाता हुआ बाजार पहुंच गया हीरामन के दुकान पे …
 
अरे छोटू आज बड़ी जल्दी आ गया रे तू तो ?
 
हा चच्चा आज चौदह फरवरी है न …
 
अरे हाँ में तो भूल ही गया था .. बता क्या चाहिए ?
 
वो लाल वाली फ्रॉक तो दिखाना चच्चा ,छोटू ने चहकते हुए कहा …
 
महंगी है बेटा, नहीं ले पायेगा
 
कितने की है ??
 
पुरे चार सौ अस्सी कि बोल पैक कर दू क्या ??
 
छोटू ने कुछ देर सोचते हुए कहा ठीक है  चाचा  कर दो पैक !
 
पाँच सौ में चार सौ अस्सी गया बचा बीस, बगल की दुकान से बीस कि डेरी मिल्क भी पैक करवा लिया
 
ये ले कहते हुए चाचा ने उसे पैकेट थमा दिया …
 
छोटू फुदकते हुए घर पंहुचा माँ से पूछा 
माँ छोटी कहा है .. ?
 
माँ – यही कही खेल रही होगी ..
 
छोटू ने उसे जल्दी से ढूंढा और जादू कि झप्पी देते हुए बोला .. “हैप्पी वेलेंटाइन डे छोटी ….
 
सोच का अंतर है बंधु, प्यार तो बस प्यार ही होता है ….
 
रानी सोनी” चंदा
 
 
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10 thoughts on ““हैप्पी वेलेंटाइन डे” सोच का अंतर है बंधु, छोटी सी कहानी एक बार जरूर पढ़े।”

  1. आप बहुत ही अच्छा लिखती हो कृपया लिखना जारी रखे । 💐

  2. बहुत ही अच्छी रचना । आज कल के युवा ना जाने किस ओर जा रहे । विदेशी भारतीय सस्कृति को अपना रहे और भारतीय विदेशी संस्कृति के पीछे पागल है ।

  3. आपके प्रोत्साहन से ही रचनाएं जन्म लेती है
    धनयवाद

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